दिवार पर उगे बरगद औऱ पिपंल को कैसे नष्ट करे?


How to Remove Peempal & Baiyan tree growing out of concrete

  आज तेज रप्तार से शहरीकरण बढ रहा है। सिमेंट का विराण जंगल बढ रहा है। लेकीन निसर्ग अपना काम हर जगह, हर संभव, हर प्रयास करके सुक्ष्मता से कर रहा है, करता रहता है। बडी बडी बिल्डींगे बन रही है। थोडे बहूत पंछी निवास के लिए आते है। पंछीयों के विष्टा से खास कर कौओ के विष्टा से बरगद और पिंपल के पेड उगते है। बरगद और पिपंल की जडे आक्रमक होती होती. पेड बडे होते है लेकीन बिज बहोत ही सुक्ष्म होता है। बरगद औऱ पिपंल के पेड सिमेंट के घरो पर उग आते है। उनकी जडे आक्रमक होने कारण सिमेंट के दिवारों को दरारे आने लगती है। दरारों के वजह वहांसे पानी का संग्रह होना, सिमेंट का मिट्टी मे बदलाव होना और तो और छत, दिवार टिपकना, गिली होने का संभव होता है।

बहोत सारे लोग ऐसे पेडों को लिकाने का प्रयास करते है। लेकीन उनका तरीका गलत होने कारण वह बारबार उग आते है। भले ऐसे पेडो को पत्ते कम हो लेकीन जडं जादा अंतर तक विकसीत हुई रहती है। ऐसे पेडो को पारंपरीक तरीकेसे लिकानेके जो तरीके है उसको पहेले देखेंगे. और वह सबक सब गलत है।

  • बरगद औऱ पिपंल जहां उगकर आते है उसे चार छे महिनेमें एक बार छाटा जाता है। वो भी सिर्फ उसकी बारीक बारीक टहनियां। जडे को हो हात नही लगा सकते क्योंकी वह पहलेंसेंही दिवारमें जमी होती है।
  • ऐसे पेडों के निकालकर उसकी जडं पर ऑसीड डाला जाता है। लेकीन ऐसे असीड का उपयोग खतर नाक और जानलेवा हो सकता है। औऱ तो और उसे उंचाई पे छिडकना और उपरसे डालना गंभीर समस्या निर्माण कर सकता है।

पहला वाला तरीका आधा गलत है। और दुसरा तरीका पूराही गलत है।  पहला वाला तरीके में सुधार करके उसे तंतोततं अगर लागू करेंगे तो उसका परिणाम आश्चर्य कारक परिणाम मिलते है। औरे समस्यासे मुक्ती मिल जाती है।

कही भी अनचाही जगह पर अगर बरगद और पिपंल के उग आते है तो उसे छाटते रहना. यह छाटना हर हप्ते होना चाहिएं। ईसमे बिलकूलही खंड नही होना चाहिए। बहोत सारे लोक छटाई तो करते है। लेकीन उसे चार छह महिने छोड देते है। वो फिरसे और बडे जोर से उग कर आता है। अगर आप हप्ते में एक बार उसे धारधार चाकू से छाटेंगे, कांटेंगे, जडों को भी हानी पहुचांएगे तो वो उसकी बढने की गती थंब जाती है।

अब ऐसा करने में असल विज्ञान कैसे काम करता है। वह हम जानेंगे. कोई भी पेड का मुख्य अन्न भांडार ये जडों में होता है। आप उपर से पत्ते छाट लेंगे लेकीन अंदर का संग्रहीत अन्न भांडार उसको पूरी जोर से उसे प्रोत्साहीत और प्रेरीत करके पत्ते को बढने के लिए मदद्त करते है। क्योंकी पत्ते से अन्न बनाकर हो जडों में संग्रहीत करना जरूरी होता है। आप अगर हप्ते में पत्तो को छाटते रेहेंगे तो सिर्फ जडों से अन्न का प्रवाह होता रहेगा। और एक दिन जडों का संग्रहीत अन्न खतम हो जाएगा। ऐसे करेंगे तो एक दिन जडभी खतम हो जाता है। और ईस तरिके से बरगद औऱ पिंपल का पेडं नष्ट हो जाता है। ध्यान रखे समस्या को जड से मिटांना हो तो उसपे बार बार काम करना पडता है। आप आसान तरिका अपनांएगे तो असीड की तरह खतरनाक हो सकता है।

संदीप चव्हाण, गच्चीवरची बाग, नाशिक.

http://www.chat-par-khet.com

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