दिवार पर उगे बरगद औऱ पिपंल को कैसे नष्ट करे?

How to Remove Peempal & Baiyan tree growing out of concrete

 आज तेज रप्तार से शहरीकरण बढ रहा है। सिमेंट का विराण जंगल बढ रहा है। लेकीन निसर्ग अपना काम सुक्ष्मता से हर जगह, हर संभव, हर प्रयास कर रहा है, करता रहता है। बडी बडी बिल्डींग्स बन रही है। पंछी निवास के लिए आते है। पंछीयों के विष्टा से खास कर कौओ के विष्टा से बरगद और पिंपल के पेड उगते है। बरगद और पिपंल की जडे आक्रमक होती है। पेड बडे होते है लेकीन बिज बहोत ही सुक्ष्म होता है। बरगद औऱ पिपंल के पेड सिमेंट के घरो पर उगते है। उनकी जडे आक्रमक होने कारण सिमेंट के दिवारों को दरारे आने लगती है। दरारों के वजह वहांसे पानी का संग्रह होना, सिमेंट का मिट्टी मे बदलाव होना और तो और छत, दिवार टिपकना, गिली होने का संभव होता है।

⚠️ थांबा... हे वाचल्याशिवाय जाऊ नका
  • 👉 तुम्ही अजूनही केमिकल भाज्या खात आहात का?
  • 👉 छोट्या जागेतही भरपूर भाजी उगवू शकता हे माहित आहे का?
  • 👉 दररोज fresh organic भाजी खायला आवडेल का?
  • 👉 7 दिवसांत सुरुवात झाली तर तयार आहात का?

बहोत सारे लोग ऐसे पेडों को निकालने का प्रयास करते है। लेकीन उनका तरीका गलत होने कारण वह बारबार बहर जाते है। भले ऐसे पेडो को पत्ते कम हो लेकीन जडं जादा अंदर तक विकसीत हुई रहती है। ऐसे पेडो को पारंपरीक तरीकेसे लिकानेके जो तरीके है उसको पहेले देखेंगे और वह तरीके सबके सब गलत है।

  • पहला तरीका: बरगद औऱ पिपंल जहां उगकर आते है उसे चार छे महिनेमें जब याद आये तब छाटा जाता है। वो भी सिर्फ उसकी छोटी छोटी टहनियां को। जडे को तो हात नही लगा सकते क्यों की वह पहलेंसें ही दिवारमें जमी होती है।
  • दुसरा तरीका: ऐसे पेडों के निकालकर उसकी जडं पर ॲसीड डाला जाता है। लेकीन ऐसे ॲसीड का उपयोग खतर नाक और जानलेवा हो सकता है। औऱ तो और उसे उंचाई पे छिडकना और उपरसे डालना गंभीर समस्या निर्माण कर सकता है। इसलिए ॲसिड का प्रयोग और ईस्तेमाल कतई ना करें।

पहला वाला तरीका आधा गलत है। और दुसरा तरीका पूराही गलत है।  पहला वाला तरीके में सुधार करके उसे तंतोततं अगर लागू करेंगे तो उसका परिणाम आश्चर्यकारक मिलते है। औरे समस्यासे मुक्ती मिल जाती है।

कही भी अनचाही जगह पर अगर बरगद और पिपंल के उगते है तो उसे बारी बारी से छाटते रहना जरूरी है, यह छाटना हर हप्ते होना चाहिएं। ईसमे बिलकूलही खंड नही करना। बहोत सारे लोक छटाई तो करते है। लेकीन उसे चार छह महिने छोड देते है। वो फिरसे और बडे जोर से बहरर आता है। अगर आप हप्ते में एक बार उसे धारधार चाकू से छाटेंगे, कांटेंगे, जडों को भी हानी पहुचांएगे तो वो उसकी बढने की गती रुक जाती है।

अब ऐसा करने में असल विज्ञान कैसे काम करता है? वह हम जानेंगे । कोई भी पेड का मुख्य अन्न भांडार ये जडों में होता है। आप उपर से पत्ते छाट लेंगे लेकीन अंदर का संग्रहीत अन्न भांडार उसको पूरी जोर से उसे प्रोत्साहीत और प्रेरीत करके पत्ते को बढने के लिए मदद्त करते है। क्योंकी पत्ते से अन्न बनाकर हो जडों में संग्रहीत करना जरूरी होता है। आप अगर हप्ते में पत्तो को छाटते रेहेंगे तो सिर्फ जडों से अन्न का प्रवाह होता रहेगा। और एक दिन जडों का संग्रहीत अन्न खतम हो जाएगा। ऐसे करेंगे तो एक दिन जडभी खतम हो जाता है। और ईस तरिके से बरगद औऱ पिंपल का पेडं नष्ट हो जाता है। ध्यान रखे समस्या को जड से मिटांना हो तो उसपे बार बार काम करना पडता है। आप आसान तरिका अपनांएगे तो ॲसीड की तरह खतरनाक हो सकता है।

संदीप चव्हाण, गच्चीवरची बाग, नाशिक.

http://www.chat-par-khet.com

क्या आप अपने घर की सुरंगत से भरी एक सुंदर बागवानी बनाना चाहते हैं? हमारा ऑनलाइन बागवानी कोर्स आपके लिए सटीक विकल्प है! हमारे विस्तृत कोर्स की पाठ्यक्रम व्यवसायिक एवंम अनुभवों द्वारा तैयार किया हैं और आपको बागवानी के सभी पहलुओं को समझाने में मदद करेंगे।
हमारा कोर्स सब्जी उत्पादन से लेकर बागवानी की योजना तक, मिट्टी विज्ञान, रोपण तकनीक, संचार, फसल संरक्षण, और बागवानी में उपयोग किए जाने वाले तंत्र और मंत्र तक शामिल होता है। आपको इंटरैक्टिव ऑनलाइन पाठ्यक्रम, वीडियो, प्रश्नोत्तरों के विकेंड सेशनका एक्सेस मिलेगा, जो आपको आपकी बागवानी की रफ़्तार से सीखने और हमारे विशेषज्ञों से व्यक्तिगत प्रतिक्रिया प्राप्त करने में मदद करेंगे।
चाहे आप एक नया बागवान हों या अनुभवी बागवान हों, हमारा कोर्स आपकी जानकारी और कौशलों को बढ़ाने में मदद करेगा। आप सीखेंगे कि कैसे अपनी खुद की सब्जियां, जड़ी-बुंटीया, फुल पौधे, धान उत्पादन के साथ साथ टेरेस गार्डेन, किचन गार्डन, विंडो गार्डेन, फार्महाऊस, खेती बाडी में भी ईस्तेमाल कर सकते है..
अगर आप गार्डेनिंग को लेकर कुछ व्यवसाय बनाना चाहते है, विस्तार करना चाहते है तो डिजिटल मीडिया के कौशल को आप प्राप्त कर सकते है.

आएं हमारे मराठी और हिंदी भाषा में विस्तृत कोर्स की जानकारी निचे दि गयी लिंक व्दारा पांए.

*Course Details*
https://www.groworganic.club/n2vhxa6o

हर शनिवार और रविवार के दिन हिंदी और मराठी भाषा में gardening के बारे मे QnA session रात 8 बजे शुरू होगा … Wts app group या टेलेग्राम चॅनेल परही लिंक भेजी जाएगी.

*Grow organic wts app group join करे..*
https://chat.whatsapp.com/JCB3bIFYzAYGAyFI4Rmcn5

Join telegram channel join करे.
https://t.me/gbnashik

*Course Details*
https://www.groworganic.club/n2vhxa6o
Course details 👆

संदीप चव्हाण, गच्चीवरची बाग, नाशिक. महाराष्ट्र. इंडिया से..

🚀 आता पुढचा निर्णय तुमचा
👉 तुम्ही फक्त लेख वाचून बागकाम करणार?
किंवा
👉 4-in-1 Grow Organic Combo Learning Pack
(Mini Course) व्दारे शिकणार?
🔥 पुढचा स्तर:
👉 Annual Detailed Course
📲 खरेदीसाठी WhatsApp वर type करा:
1 = Grow Bundle | 2 = Annual Course
👉 WhatsApp वर पुढे जा

Discover more from Grow Organic

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from Grow Organic

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Discover more from Grow Organic

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

10 OxyGen Plants